नई दिल्ली, मार्च 23 -- क्या अंतर-धार्मिक विवाह करने पर महिलाओं को उनकी धार्मिक पहचान से वंचित किया जा सकता है? सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले पर सुनवाई कर रहा है। ताजा केस पारसी समुदाय से जुड़ा है, जहां याचिकाकर्ता दीना बुढ़राजा ने नागपुर पारसी पंचायत के नियम 5(2) को चुनौती दी है। इस नियम के अनुसार, अगर कोई पारसी महिला गैर-पारसी से विवाह करती है तो उसकी धार्मिक पहचान समाप्त कर दी जाती है और उसे अगियारी जैसे धार्मिक स्थलों में प्रवेश से वंचित कर दिया जाता है। वहीं, पारसी पुरुषों पर ऐसा कोई प्रतिबंध नहीं है। यह भी पढ़ें- भारत और रूस के बीच गहरे हुए संबंध, विश्वास पर है टिका; जयशंकर का बड़ा बयान याचिका में दावा किया गया कि यह नियम लिंग आधारित भेदभावपूर्ण है। साथ ही, भारतीय संविधान के अनुच्छेद 14 (कानून के समक्ष समानता), 21 (जीवन और गरिमा का अधिका...