नई दिल्ली, अप्रैल 16 -- प्रेमानंद महाराज के सामने भक्त कुछ ना कुछ जिज्ञासा लेकर आते हैं। ऐसे ही एक भक्त ने प्रेमानंद महाराज जी से पूछा कि जब किसी भी व्यक्ति के साथ कुछ अनिष्ट हो जाता है, तो लोग ग्रहों को दोष देते हैं। क्या ग्रहों की दशा कर्मों के फल को प्रभावित करती हैं। या हमारे कर्म ग्रहों की दशा से बचा सकते हैं। चलिए जानते हैं कि प्रेमानंद महाराज ने क्या जवाब दिया।ग्रह-नक्षत्र का प्रभाव महाराज जी कहते हैं कि दोनों बातें हैं। हमारे बुरे जब कर्म आने होते हैं, जो नक्षत्र हैं, वो उस बुरी दशा को ग्रहण करके हमारे ऊपर छोड़ते हैं। हमारे कर्म के अनुसार और अगर हमारा कर्म सही है, तो नक्षत्र भी हमारे सही हो जाएंगे। वो कर्म की परंपरा से चलते हैं। जैसे जब हमको बुरा समय व्यतीत करना है और बड़ा कष्ट भोगना है, तो नक्षत्र बुरी दशा में बैठ जाएंगे। क्योंकि...
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