नई दिल्ली, मार्च 3 -- होली के त्योहार पर जिस मिठाई का सबसे अधिक इंतजार होता है, वह है गुजिया। कुरकुरी परत में छिपा मावा, सूखे मेवे और इलायची की खुशबू इसे सिर्फ एक डिश नहीं, बल्कि परंपरा का स्वाद बनाती है। गुजिया सिर्फ एक तरह से नहीं बनती, बल्कि कई अलग ढंग से इसे तैयार किया जाता है। सिर्फ यही नहीं भारत के अलग-अलग राज्यों में इसके कई नाम भी हैं, जो शायद आपको न पता हो। लेकिन क्या आपने सोचा है गुजिया पूरी तरह भारतीय है या इसकी जड़ें विदेश से जुड़ी हैं? आखिर ये होली के लिए इतनी स्पेशल क्यों बन गई और इसे बनाने की शुरुआत कहां और कैसे हुई। चलिए आपको गुजिया से जुड़ा पूरा इतिहास बताते हैं-प्राचीन भारतीय ग्रंथों में उल्लेख खाद्य इतिहासकारों के अनुसार, प्राचीन संस्कृत ग्रंथों में "घृतपक्व" और "कर्णिका" जैसे व्यंजनों का जिक्र मिलता है, जिनमें आटे की प...