नई दिल्ली, सितम्बर 8 -- दक्षिण दिल्ली के सत्य निकेतन हादसे को लेकर सरकार और प्रशासन के खिलाफ तरह-तरह के सवाल उठने लगे हैं। एमसीडी के बयान के मुताबिक, रविवार को गिरी इमारत 1990 के दशक में एक रीसेटलमेंट कॉलोनी में लगभग 55 वर्ग गज के प्लॉट पर बनी थी। इसमें एक बेसमेंट और ग्राउंड फ्लोर से लेकर चौथी मंजिल तक का निर्माण था। हालांकि, कुछ स्थानीय लोगों का दावा है कि यह इमारत लगभग 50 साल पुरानी थी और 1970 के दशक में बनी थी। इस हादसे पर पूर्व आईपीएस किरण बेदी ने भी सवाल उठाए हैं। बेदी ने कहा कि क्या किसी को पता है कि निर्माण या मरम्मत का काम करने वाले कॉन्ट्रैक्टर लाइसेंस-प्राप्त हैं और उन्हें सुरक्षा उपायों की ट्रेनिंग दी गई है? बेदी ने कहा कि ज्यादातर वर्कर प्रवासी होते हैं, तो क्या उनके लिए कोई ट्रेनिंग सिस्टम है? कई इमारतों में नई मंजिलें जोड़ी ...