नई दिल्ली, मई 6 -- सुहेल वहीद, वरिष्ठ पत्रकार पांच राज्यों के महत्वपूर्ण विधानसभा चुनावों से अभी हम गुजरे हैं। निस्संदेह, वहां सरकारों के गठन की कवायद तेज हो गई है, पर यह जानना सचमुच दिलचस्प होगा कि मुसलमानों की हिस्सेदारी के लिहाज से ये विधानसभाएं कैसी हैं और मुस्लिम मतों का क्या ट्रेंड दिख रहा है? शुरुआत असम से। कश्मीर और लक्षद्वीप के बाद सबसे अधिक 34 फीसदी मुस्लिम आबादी वाले इस राज्य में जनसंख्या के लिहाज से लगभग 55 मुस्लिम विधायक होने चाहिए थे। किंतु यह कभी नहीं हो सकता, क्योंकि चर्चित परिसीमन के बाद 126 सीटों वाली असम विधानसभा में मुस्लिम बहुल सीटों की संख्या 32 से घटकर 22 रह गई हैं। दस वर्ष से असम की राज्य सरकार में कोई मुस्लिम मंत्री नहीं है और न अब होने की उम्मीद है। असम के 14 सांसदों में से दो मुस्लिम हैं। जामिया मिल्लिया इस्लामि...