नई दिल्ली, सितम्बर 27 -- क्या इलेक्टोरल रोल से नाम हटाने की प्रक्रिया वास्तव में दिल्ली से कंट्रोल की जा रही थी? क्या मतदाता डेटाबेस का केंद्रीकरण कर दिया गया था? चुनाव आयोग की ओर से इन सवालों का जवाब दिया गया है। आयोग ने साफ किया कि राज्यों के चुनाव अधिकारियों के अधिकार खत्म नहीं किए गए हैं। ECINET पर फील्ड अधिकारियों को उनके अधिकारों के हिसाब से भूमिका आधारित पहुंच दी गई है। मीडिया रिपोर्ट में कहा गया कि चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने मतदाता सूची के डेटाबेस के केंद्रीकरण और राज्यों के अधिकारियों को मिलने वाली पहुंच को लेकर सवाल उठाए थे। जोशी ने यह जांच कराने की बात कही थी कि डेटाबेस में बदलाव करने के लिए अधिकारियों के अलावा किसी और के पास अधिकार तो नहीं हैं। यह भी पढ़ें- राहुल गांधी का दिमाग चोरी हुआ है, वापस लाने के लिए...