नई दिल्ली, जून 2 -- एक ग्लोब में सिमट गई थी दुनिया आज से 534 साल पहले, 3 जून 1492 को जर्मन भूगोलवेत्ता मार्टिन बेहैम ने दुनिया के सामने पहला ग्लोब पेश किया था। यह भूगोल का नक्शा नहीं था, बल्कि खोज के नए युग की शुरुआत थी।मार्टिन बेहैम ने इस अविष्कार को एर्डैपफेल नाम दिया था, जिसका अर्थ है 'धरती का सेब'।आज भी यह ऐतिहासिक धरोहर जर्मनी के जर्मनिसचेस नेशनलम्यूजियम में रखी गई है।ग्लोब को खराब होने से बचाने के लिए विशेष कमरे में तापमान नियंत्रित करके रखा गया है।यह ग्लोब उस वर्ष बना था, जब क्रिस्टोफर कोलंबस ने अपनी समुद्री यात्रा शुरू की थी।इसमें यह भी पढ़ें- FIFA World Cup 2026 का पूरा शेड्यूल कर लीजिए नोट, जानिए कौन सी टीम है किस ग्रुप में? उत्तरी और दक्षिणी अमेरिका महाद्वीप मौजूद ही नहीं हैं, क्योंकि तब तक उनकी खोज नहीं हुई थी।इस ग्लोब में यूर...