नई दिल्ली, जनवरी 24 -- सर्दियों की सुबह कई बार जब हम एक दूसरे से बात करते हैं या लंबी सांस छोड़ते हैं, तो ऐसा लगता है मानो मुंह से धुआं निकल रहा हो। बचपन में ज्यादातर लोगों ने 'मुंह से इंजन की तरह धुआं छोड़ने' वाले इस खेल से खूब मजे लिए होंगे, लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि यही करिश्मा चिलचिलाती गर्मियों में क्यों गायब हो जाता है? आखिर हमारा शरीर तो हर मौसम में उतना ही गर्म रहता है, फिर ये सफेद भाप सिर्फ ठंड का ही इंतजार क्यों करती है? इसके पीछे विज्ञान का एक बड़ा ही दिलचस्प खेल है, जो हमारी सांसों और बाहर के तापमान के बीच लुका-छिपी खेलता है। विज्ञान के इसी रहस्य और बचपन के खेल की असल सच्चाई को समझने के लिए हमने फोर्टिस (नोएडा) के पल्मोनोलॉजिस्ट डॉ. राहुल शर्मा से बातचीत की। यह भी पढ़ें- गर्दन पर काली लाइन सिर्फ गंदगी या मैल नहीं, हो सकती है...
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