नई दिल्ली, अगस्त 17 -- भारत में हर घर तक नल के जरिए पानी पहुंचाने की दिशा में पिछले कुछ वर्षों में बड़ी प्रगति हुई है। जल जीवन मिशन के तहत ग्रामीण भारत में नल के पानी के कनेक्शनों की पहुंच मार्च 2026 तक बढ़कर 81.71 प्रतिशत हो गई है, जबकि 2019-20 में यह आंकड़ा केवल 21.33 प्रतिशत था। लेकिन पानी की पहुंच बढ़ने के साथ अब अगली बड़ी चुनौती उसकी गुणवत्ता और सुरक्षा सुनिश्चित करना है। ऐसे में हमने समझने की कोशिश की कि लोगों के घरों तक पहुंचने वाला पानी किसना सुरक्षित है। यूरेका फोर्ब्स के चीफ वॉटर साइंटिस्ट डॉ. अनिल कुमार के मुताबिक, पानी की सुरक्षा को केवल उसके साफ दिखने, स्वाद या गंध से नहीं परखा जा सकता। उनका कहना है कि आज पानी में मौजूद कई ऐसे दूषित तत्व चिंता का विषय हैं, जो आंखों से दिखाई नहीं देते और पानी के स्वाद या गंध में भी बदलाव नहीं ...