चतरा, मार्च 3 -- हंटरगंज, प्रतिनिधि। हंटरगंज का कौलेश्वरी पहाड़ केवल झारखंड का ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त तीर्थ सह पर्यटन स्थल है। यह अति प्राचीन और दुर्लभ पुरातात्विक अवशेषों की सांस्कृतिक धरोहर वाला स्थल भी है। इसकी उपमा मिनी वैष्णो देवी धाम और झारखंड के तिरुपति से की जाती है। इन दुर्लभ पुरातात्विक अवशेषों के बीच, 1,575 फीट ऊंचे तुंग शिखर पर 2,000 फीट लंबा, 1,100 फीट चौड़ा और 32 फीट गहरा एक प्राकृतिक सरोवर अवस्थित है, जिसमें सदा पानी उपलब्ध रहता है और यह कभी नहीं सूखता। इसे प्रकृति का एक अनुपम और अनूठा उपहार माना जाता है। इसका शीतल, निर्मल और औषधीय पानी इसकी सबसे बड़ी विशेषता है। यह सरोवर तीर्थयात्रियों और श्रद्धालुओं के लिए श्रद्धा का प्रतीक होने के साथ-साथ जलापूर्ति का मुख्य स्रोत भी है। रामनवमी पर्व के दौरान यहां लाख...