नई दिल्ली, दिसम्बर 27 -- ओडिशा के बहुचर्चित ग्रामीण आवास घोटाले में पूर्व आईएएस अधिकारी और ओडिशा रूरल हाउसिंग डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (ओआरएचडीसी) के पूर्व प्रबंध निदेशक विनोद कुमार को फिर दोषी ठहराया गया है। भुवनेश्वर की विशेष सतर्कता अदालत ने शुक्रवार को उन्हें और पांच अन्य आरोपियों को इस मामले में दोषी करार दिया। विजिलेंस विभाग के अनुसार यह विनोद कुमार की इस घोटाले से जुड़े भ्रष्टाचार मामलों में 12वीं सजा है। उनके खिलाफ अभी भी 15 अन्य विजिलेंस मामले लंबित हैं। अदालत ने सभी छह दोषियों को तीन-तीन वर्ष की कठोर कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने पाया कि आरोपियों ने ग्रामीण गरीबों के लिए बनी आवास योजनाओं के लिए जारी 52.95 लाख रुपये की सरकारी राशि का दुरुपयोग किया। आरोप है कि अधिकारियों ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए निजी बिल्डर संग्राम केशरी साह...
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