भोपाल, जुलाई 10 -- मध्यप्रदेश में सतना जिले के एक निलंबित संविदा सब इंजीनियर ने सस्पेंड होने के बाद पंचायत विभाग में कमीशनखोरी को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि जनपद से लेकर राजधानी भोपाल तक कोई ऐसा माई का लाल नहीं है जो पैसे नहीं खाता हो। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि जनपद में काम शुरू कराने के लिए सरपंच, सचिव, ग्राम रोजगार सहायक, उपयंत्री, सहायक यंत्री, जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) सहित विभिन्न स्तरों पर अधिकारियों को उनका बंधा हुआ कमीशन देना पड़ता है, जो कि 2 से लेकर 10 प्रतिशत तक होता है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि भोपाल स्थित अधिकारियों तक भी यह राशि पहुंचाई जाती है। सब इंजीनियर ने कहा कहा कि उनके पास इन सब बातों के सबूत भी हैं, जिन्हें उन्होंने अदालत में रखने की बात कही। ये सभी आरोप मझगवां जनपद पंचायत ...