जमुई, दिसम्बर 22 -- झाझा, निज संवाददाता इलाके के आम जन जीवन पर कुहासे का बेरहम कहर बदस्तूर जारी है। शीतलहरी व कोहरे के 'कॉकटेल' ने लोगों का जीना दूभर कर दिया है। वैसे तो ठंड बगैर किसी भेदभाव के अमीर-गरीब सभी के जीवन को परेशानी में डाल रखी है। पर, बड़ी मुश्किल बेचारे बेसहारा, नि:सहाय गरीब-गुरबों तथा उधर रेल के मुसाफिरों को होती दिख रही है। देर रात से दिन चढ़े तक आसमां में बिछी नजर आती कोहरे की सफेद चादर इन दिनों मानों एक दैनिक रूटीन सी बन गई है। लोगों के शब्दों में कहें तो गुजरते साल के हालिया चंद दिनों के दौरान उन्हें सूर्यदेव के दर्शन तक गाहे-बगाहे हो रहे हैं। बीते शनिवार को आसमां सूर्यदेव की बजाय पूरे दिन कुहासे की मोटी सफेद चादर में ही लिपटा नजर आया है। उधर टे्रनों का हाल भी कमोवेश वैसा ही दिख रहा है। रात की कई टे्रनें दिन में एवं दिन की...
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