गौरीगंज, अगस्त 14 -- अमेठी। जिले के कोहरा के तालुकेदार रहे बाबू भूप सिंह ने 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम में आजादी का बिगुल फूंक दिया था। उन्हें अंग्रेजों के विरुद्ध देशवासियों में एक नई चेतना जगाई और कई युद्धों में भाग लेकर अंग्रेजी सेना के छक्के छुड़ा दिए। इतिहास के पन्नों पर बाबू भूप सिंह की शौर्य गाथा अमर हो गई है और युवाओं के लिए प्रेरणाश्रोत है। बाबू भूप सिंह की अंग्रेजों के विरुद्ध विद्रोह अंग्रेजी शासन के खिलाफ एक व्यापक जन आंदोलन था, जिसने पूरे राष्ट्र को झकझोर कर रख दिया था। उनके भाले ने न सिर्फ अंग्रेज़ों का डटकर सामना किया, बल्कि लाखों भारतीयों को संगठित होने की प्रेरणा भी दी। ईस्ट इंडिया कंपनी द्वारा किए जा रहे धार्मिक एवं सांस्कृतिक दमन और आर्थिक शोषण से चिंतित तालुकदार बाबू भूप सिंह की भेंट 1856 में कोहरा प्रवास पर आए र...