सहरसा, जनवरी 31 -- सहरसा, निज प्रतिनिधि। कोसी क्षेत्र से तीर्थस्थलों की डगर आसान नहीं है। ब्रॉडगेज से जुड़ने के 20 साल बाद भी सहरसा से तीर्थस्थलों के लिए ट्रेन सुविधा नहीं है। इस कारण यात्रियों को बरौनी, पटना, दिल्ली, इटारसी सहित अन्य जगहों का रुख करना पड़ता है। हालात यह कि अगर सहरसा से बाबानगरी देवघर जाना हो तो यात्रियों को पहले सहरसा से बरौनी या हाथीदह जाना पड़ता। अगर कोई काशी विश्वनाथ के दर्शन के लिए जाना चाहते तो उसे पंडित दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन उतरकर दूसरी ट्रेन या सड़क मार्ग से वाराणसी जाना पड़ता। मध्यप्रदेश के उज्जैन में महाकाल दर्शन पर जाना चाहते तो उन्हें पटना जाकर दूसरी ट्रेन पकड़नी पड़ती या सहरसा से इटारसी पहुंचकर दूसरी ट्रेन से वहां जाना पड़ता। वैष्णो देवी यात्रा पर जाने वाले लोगों के लिए तो सफर और कठिन रहता, पहले उन्हें दिल्ली फिर द...