सहरसा, जुलाई 1 -- सहरसा, हिन्दुस्तान संवाददाता। कोसी नदी बढ़ते जलस्तर के बीच लोग बाढ़ की तैयारी में जुट गए हैं। बाढ़ आते ही तीन महीने से अधिक समय तक तटबंध के अंदर बसे लोगों की दिनचर्या बदल जाती है। जिले के 33 पंचायत के लोग हर वर्ष बाढ़ प्रभावित होते हैं। जिसमें 22 पंचायत पूर्ण एवं 11 पंचायत के लोग आंशिक रूप से प्रभावित रहते हैं। जिले के चार प्रखंडों में महिषी, नवहट्टा, सिमरी बख्तियारपुर एवं सलखुआ के 141 गांव के लोगों को बाढ़ के पानी के बीच जीवन गुजारना पड़ता है। जिले में 30 अक्टूबर तक बाढ़ की स्थिति रहती है। हालांकि 15 जून से बाढ़ का प्रकोप शुरू हो जाता है। लेकिन हर वर्ष जुलाई माह से ही अत्यधिक पानी आना शुरू हो जाता है और अगस्त तक में तटबंध का पूरा इलाका जलमग्न हो जाता है। बाढ़ की पानी फैलते ही लोग ऊंचे जगहों की तालाश में जुट जाते हैं। हर...