सीतापुर, मई 5 -- सीतापुर, संवाददाता। विश्व अस्थमा दिवस के मौके पर मंगलवार को स्वास्थ्य महकमें ने कई जागरुकता कार्यक्रम किए। इस रोग से लड़ने के लिए लोगों को जागरुक किया गया और उपलब्ध इलाज के बारे में भी बताया गया। यह भी पढ़ें- अस्थमा और प्रदूषित हवा: क्या इलाज हर मरीज तक पहुंच रहा है?अस्थमा के इलाज के बारे में जिला अस्पताल के वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. अनुपम मिश्र बताते हैं कि अस्थमा के सही इलाज और जागरूकता से इसे हराया और कम भी किया जा सकता है। अस्थमा रोग सिर्फ वयस्कों में ही नहीं बच्चों में भी हो जाता है। हर दिन जिला अस्पताल की ओपीडी में करीब 15 से 20 मरीज अस्थमा से प्रभावित आते हैं। कोविड कॉल के बाद से अस्थमा के रोगियों में बढ़ोत्तरी हुई है। यह भी पढ़ें- पोस्टर प्रतियोगिता में छात्रों ने अस्थमा के रोग के बारे में बतायाअस्थमा के कारण और लक्षण उ...