भभुआ, मार्च 2 -- महानगरों से लौटे युवाओं ने फास्ट फूड बेचकर परिवार की कर रहे परवरिश बोले दुकानदार, अतिक्रमणकारी बताकर नगर परिषद अक्सर हटवा देती है दुकानें (बोले भभुआ) भभुआ, नगर संवाददाता। कोविड काल की भयावह यादें भले धुंधली पड़ गई हों, लेकिन उस दौर में उजड़े रोजगार आज भी कई युवाओं की जिंदगी में टीस बनकर मौजूद हैं। महानगरों की फैक्ट्रियों और होटलों में काम और फुटपॉथ पर रोजगार करने वाले कई युवक जब लॉक डाउन में पैदल अपने घर लौटे, तो उनके सामने सबसे बड़ा सवाल था, अब आगे क्या? इसी सवाल का जवाब उन्होंने अपने दम पर खोजा। भभुआ शहर के विभिन्न चौक-चौराहों पर चाऊमीन, पास्ता, पिज्ज़ा, बर्गर और अन्य फास्ट फूड के ठेले लगाकर खुद को फिर से खड़ा किया। पटेल चौक, एकता चौक, और कचहरी रोड, कलेक्ट्रेट पथ की शामें अब इन्हीं ठेलों पर भीड़ दिखती है। शिवा, प्रमोद, संतोष...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.