जमशेदपुर, दिसम्बर 6 -- एमजीएम ही नहीं बल्कि कोल्हान के किसी भी सरकारी अस्पताल में सभी मानकों के अनुसार आईसीयू क्रियाशील नहीं है। सदर अस्पताल में वेंटिलेटर नहीं है, लेकिन आईसीयू के कुछ बेड पर मरीजों को रखकर इलाज किया जाता है। कोल्हान के किसी भी सरकारी अस्पताल में गंभीर मरीजों के इलाज की सुविधा नहीं है। मरीजों के पास एकमात्र विकल्प है कि वे या तो इलाज कराने रिम्स जाएं या फिर निजी अस्पतालों में इलाज कराएं। लेकिन सरकारी अस्पतालों में उन्हें यह सुविधा नहीं मिल सकती है। सदर अस्पाल, एमजीएम से छोटा अस्पताल है, लेकिन वहां आईसीयू की सुविधा है। पिछले दिनों वेंटिलेटर खराब होने की वजह से इसकी सुविधा तो नहीं मिल पा रही है। लेकिन मॉनिटर पर ही सही ऑक्सीजन देकर आईसीयू की सुविधा दी जाती है और विशेष निगरानी रखी जाती है। सबसे बड़े एमजीएम अस्पताल में आईसीयू क...
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