जमशेदपुर, अक्टूबर 12 -- कोल्हान क्षेत्र के स्थानीय उत्पादों को वैश्विक पहचान दिलाने के लिए बड़ा कदम उठाया जा रहा है। स्वयं सहायता समूह और जेएसएलपीएस की पहल पर पलाश ब्रांड से जुड़े उत्पादों को जीआई (जियोग्रॉफिकल इंडिकेशन) टैग दिलाने की प्रक्रिया शुरू की गई है। नेशनल लॉ स्कूल ऑफ इंडिया यूनिवर्सिटी, बेंगलुरू के सुझाव के बाद कोल्हान के पपीता, लाह, चिरौंजी, जीरा फुल, चावल और तसर सिल्क जैसे उत्पादों को चयनित किया गया है। संस्था के अधिकारियों का मानना है कि किसी भी स्थानीय उत्पाद का जीआई टैग तभी दिया जाना चाहिए, जब उसके स्थानीय होने का प्रमाण ऐतिहासिक अभिलेख और शोध पर आधारित हो। जीएसएलपीएस ने प्रक्रिया की जटिलता और संभावित लागत के दृष्टिगत बिहार की समकक्ष संस्था, जीविका बिहार एसआरएलएम से संपर्क किया। जीविका द्वारा मखाना उत्पाद के जीआई टैगिंग अनु...