जमशेदपुर, जुलाई 19 -- झारखंड बिजली वितरण निगम (जेबीवीएनएल) की व्यवस्था अब भी काफी हद तक पुरानी तकनीकों पर निर्भर है, जिससे फॉल्ट का पता लगाने और बिजली आपूर्ति बहाल करने में घंटों लग जाते हैं। बिजली निगम के इंजीनियरों की मानें तो स्मार्ट ग्रिड, एससीएडीए (स्कॉडा), इंटरनेट ऑफ थिंग्स (आईओटी) आधारित फॉल्ट डिटेक्शन सिस्टम और स्वचालित सेंसर जैसी आधुनिक तकनीकों को अपनाकर इस समस्या का समाधान किया जा सकता है। वर्तमान व्यवस्था में किसी एक शाखा (ब्रांच) में फॉल्ट आने पर पूरे फीडर की बिजली आपूर्ति बंद करनी पड़ती है। इससे फॉल्ट केवल एक इलाके में होने के बावजूद उससे जुड़े कई क्षेत्रों की बिजली बाधित हो जाती है। ऐसे में बिजली उपभोक्ताओं को अनावश्यक परेशानी का सामना करना पड़ता है। विशेषज्ञों ने डी ब्रेक जैसे आधुनिक उपकरण लगाने की मांग की है, जिससे केवल प्...