लखीसराय, मार्च 2 -- लखीसराय, हिन्दुस्तान प्रतिनिधि । हर वर्ष एक से 30 मार्च तक कोलोरेक्टल कैंसर जागरूकता माह मनाया जाता है। इसका उद्देश्य लोगों को बड़ी आंत कोलन और मलाशय रेक्टम से जुड़े कैंसर के प्रति सचेत करना व समय पर जांच और इलाज के लिए प्रेरित करना है। सदर अस्पताल के चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. निशांत निराला ने बताया कि कोलोरेक्टल कैंसर तब होता है, जब बड़ी आंत की भीतरी परत में मौजूद कोशिकाएं अनियंत्रित रूप से बढ़ने लगती हैं। अधिकांश मामलों में यह बीमारी छोटे पॉलिप्स कोशिकाओं के असामान्य समूह से शुरू होती है। समय के साथ कुछ पॉलिप्स कैंसर में बदल सकते हैं और आंत की दीवार, आसपास के लसीका ग्रंथियों लिंफ नोड्स व शरीर के अन्य हिस्सों में फैल सकते हैं। पॉलिप्स मुख्यतः दो प्रकार के होते हैं एडिनोमेटस पॉलिप एडिनोमा, जो कैंसर में बदल सकते हैं, व हाइ...
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