मुजफ्फरपुर, जून 19 -- मुजफ्फरपुर, हिप्र। कोर्ट में साक्ष्यों को पेश करने के अभाव में आरोपितों के बरी होने पर इसकी जिम्मेदारी तय होगी। इसमें यह पता लगाया जाएगा कि किन कारणों से कोर्ट में ठोस साक्ष्य पेश नहीं किए गए। यह भी पढ़ें- कोर्ट से आरोपितों के बरी होने पर तय होगी जिम्मेदारीजांच की प्रक्रिया मामले की जांच, केस डायरी व चार्जशीट में पुलिस की ओर से कोई लापरवाही तो नहीं की गई। वहीं कोर्ट में गवाह पेश हुए या नहीं। अगर पेश हुए तो उनके मुकरने का क्या कारण रहा। अभियोजन निदेशालय व पुलिस मुख्यालय ने लोक अभियोजक को बरी होने वाले मामले की समीक्षा कर इसकी रिपोर्ट सौंपने का आदेश दिया है। पुलिस मुख्यालय ने बरी होने वाले मामले की समीक्षा के लिए व्हाट्सएप ग्रुप बनाया है। इस पर ऐसे मामलों की अद्यतन सूचनाएं अपलोड की जाएंगी। लोक अभियोजक अजय कुमार ने सभी ...