रांची, अप्रैल 10 -- रांची, संवाददाता। रांची विश्वविद्यालय के अधीन संचालित इंस्टीट्यूट ऑफ लीगल स्टडीज (आईएलएस) में एकेडमिक और बुनियादी सुविधाओं की कमी के मामले शुक्रवार को जस्टिस आनंद सेन की अदालत में सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान उच्च शिक्षा विभाग के प्रधान सचिव, वित्त विभाग के प्रधान सचिव, जेपीएससी के सचिव, रांची विश्वविद्यालय के कुलपति तथा आईएलएस के डीन व निदेशक उपस्थित हुए। उच्च शिक्षा सचिव ने अदालत को बताया कि राज्य सरकार स्व-वित्तपोषित संस्थानों के लिए एक नया कानून बनाने की प्रक्रिया में है, जो लगभग तीन माह में तैयार हो जाएगा। इसके तहत ऐसे संस्थानों को एक सोसाइटी के माध्यम से स्वायत्त इकाई के रूप में संचालित किया जाएगा। प्रस्तावित व्यवस्था के अनुसार एक कमेटी गठित होगी, जिसमें संबंधित विश्वविद्यालय के कुलपति और सरकार के प्रतिनिधि शामिल ...