नई दिल्ली, मई 30 -- नई दिल्ली, प्रमुख संवाददाता। दिल्ली उच्च न्यायालय ने शुक्रवार को अंतरिम राहत देते हुए उत्तर प्रदेश सिंचाई विभाग की ओर से ओखला में 115 संपत्तियों को गिराने करने के प्रस्तावित प्रस्ताव पर रोक लगा दी है। उच्च न्यायालय ने विभाग से जवाब मांगा है। इन संपत्तियों के निवासियों ने नोटिस के खिलाफ अदालत का दरवाजा खटखटाया है। न्यायमूर्ति सचिन दत्ता ने याचिकाकर्ताओं के वकील की दलीलें सुनने के बाद उत्तर प्रदेश सिंचाई विभाग को नोटिस जारी किया है। उच्च न्यायालय ने प्रतिवादी विभाग से जवाब मांगने के बाद मामले की सुनवाई 4 अगस्त को तय की है। याचिकाकर्ताओं के वकील डॉ. फारुख खान ने कहा कि प्रस्तावित बेदखली/तोड़फोड़ नोटिस अवैध है, क्योंकि विभाग के पास जमीन का कोई मालिकाना हक नहीं है। याचिकाकर्ताओं ने उत्तर प्रदेश सिंचाई विभाग, उनके कर्मचारियो...