लखनऊ, जुलाई 16 -- लखनऊ, प्रमुख संवाददाता। कुकरैल नाइट सफारी को सुप्रीम कोर्ट से हरी झंडी मिलते ही वन विभाग के वन्यजीव संरक्षण विंग में निर्णय के दूसरे दिन ही गतिविधियां अचानक से तेज हो गई है। सेन्ट्रल इम्पावर्ड कमेटी (सीईटी) के एक प्रमुख सदस्य के निर्देश पर नाइट सफारी में कौन-कौन से वन्यजीवों को लाया जा सकता, इसकी सूची तैयार होने लगी है। बाघ और तेन्दुए के अलावा बाहर से और कौन से वन्यजीवों को यहां प्राकृतिक प्रवास कराया जा सकता है। जिसे लोग अधिक पसंद कर सकें और वह सफारी में आकर्षण का केन्द्र बन सकें, ऐसे वन्यजीवों सूची तैयार की जाने लगी है।देश की पहली और विश्व की इस पांचवीं अर्बन नाइट सफारी के लिए राज्य सरकार की ओर से आवंटित 1510 करोड़ का एक बड़ा हिस्सा यानि 631 करोड़ रुपये जारी हो चुके हैं, जिससे वहां कुछ निर्माण कार्य भी कराए गए हैं। इस ...