भदोही, जून 6 -- गोपीगंज, हिन्दुस्तान संवाद। सनातन परंपरा की कथावाचक प्रज्ञा ने श्रीमद्भागवत कथा के प्रथम दिवस भागवत महात्म्य और मंगलाचरण पर विस्तार से प्रकाश डाला। पहले दिन का उद्देश्य श्रोताओं के मन में कथा के प्रति श्रद्धा,जिज्ञासा और प्रेम जगाना रहा। नगर के रामलीला मैदान में श्रीमद् भागवत कथा के पहले दिन शुरुआत व्यास पीठ पूजन और मंगलाचरण से हुई। प्रज्ञा ने सच्चिदानन्दरूपाय विश्वोत्पत्यादिहेतवे... श्लोक का गायन कर बताया कि भगवान का रूप सत्, चित् और आनंद स्वरूप है। वह संसार के तीन तापों, दैहिक, दैविक और भौतिक कष्टों का नाश करने वाले हैं। बताया कि नैमिषारण्य में 88 हजार शौनकादि ऋषियों ने सूत जी से पूछा था कि कलयुग में जीवों का कल्याण कैसे होगा। यह भी पढ़ें- भागवत सिर्फ कथा नहीं, जीने की कला भी है: राघवेन्द्र शास्त्री सूत जी ने उत्तर दिया ...