धनबाद, जून 3 -- बदली हुई भू-राजनीतिक स्थिति में ऊर्जा सुरक्षा को लेकर भारत आपदा को अवसर में बदलने की तैयारी में है। कोयले से अब एलपीजी का विकल्प डीएमई(डाई मिथाइल ईथर) और एविएशन फ्यूल बनाने का मुकम्मल रोडमैप तैयार किया गया है। देश के तीन बड़े संस्थान धनबाद स्थित सीएसआईआर-सीआईएमफआर (सिंफर), देहरादून स्थित भारतीय पेट्रोलियम संस्थान (आईआईपी) एवं पुणे स्थित राष्ट्रीय रासायनिक प्रयोगशाला (एनसीएल) कोयले से बहुउद्देशीय फ्यूल बनाने की कवायद में जुट गए हैं। कोयले से तैयार सिन गैस को अब डीएमई (डाई मिथाइल ईथर) और एविएशन फ्यूल तैयार किया जाएगा। केंद्र के सहयोग से जल्द ही पायलट प्रोजेक्ट शुरू किया जाएगा। इस मुहिम में धनबाद स्थित सिंफर की अहम भूमिका होगी। सिंफर और आईआईपी मिलकर धनबाद स्थित डिगवाडीह कैंपस में पायलट प्रोजेक्ट स्थापित करने की तैयारी में हैं...