नई दिल्ली, अप्रैल 15 -- दिल्ली हाई कोर्ट ने एक महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए एक महिला को अपने सैनिक पति के साथ संतान पैदा करने के लिए IVF (इन-विट्रो फर्टिलाइजेशन) प्रक्रिया को आगे बढ़ाने की अनुमति दे दी है। सेना का यह जवान फिलहाल 'पर्सीस्टेंट वेजिटेटिव स्टेट' यानी कोमा जैसी स्थिति में है और आगे भी उसके ठीक होने की संभावना बहुत कम है। अदालत ने कहा कि इस मामले में पुरुष की दी हुई पुरानी सहमति को ही वैध माना जाएगा। कोर्ट ने यह आदेश जवान की पत्नी की याचिका पर दिया। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने बेहद महत्वपूर्ण टिप्पणी करते हुए कहा कि 'किसी प्रक्रिया के कठोर पालन के नाम पर कानून के मूल उद्देश्य को खत्म करने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए। साथ ही अदालत ने यह भी कहा कि याचिकाकर्ता को संतान होगी या नहीं, यह इंसान के हाथ में नहीं है। जवान की पत्नी ने अपनी ...