कोदई हत्याकांड के बाद उजड़ गया परिवार, गांव में नहीं बचा मकान का अवशेष
मुजफ्फरपुर, मई 28 -- मुजफ्फरपुर, हिन्दुस्तान प्रतिनिधि। गायघाट के जमालपुर कोदई गांव में साझे के पंपसेट के विवाद के बाद चंद्रशेखर चौधरी के परिवार के पांच लोगों की नृशंस हत्या कर दी गई थी। इस सामूहिक हत्याकांड ने सूबे की सियासत को हिलाकर रख दिया था। पीड़ितों को ट्रायल कोर्ट, हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट से न्याय पाने में 43 वर्ष लग गए। सुप्रीम कोर्ट का मंगलवार को इस मामले में फैसला आया, पर इस फैसले को सुनने के लिए चंद्रशेखर चौधरी के परिवार का कोई सदस्य जमालपुर कोदई गांव में मौजूद नहीं था。
घटनाक्रम की पृष्ठभूमि 29 मार्च 1983 में हुए इस सामूहिक हत्याकांड के बाद ही चंद्रशेखर चौधरी व उनके भाई नंदवीर चौधरी ने जमालपुर कोदई गांव छोड़ दिया था। ग्रामीणों के अनुसार उनका परिवार दरभंगा जाकर बस गए। दोनों भाइयों ने गांव की अपनी अधिकांश पुश्तैनी जमीन बेच दी...
Click here to read full article from source
To read the full article or to get the complete feed from this publication, please
Contact Us.