विधि संवाददाता, सितम्बर 2 -- UP News; इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कोडीन युक्त कफ सिरप (जैसे फेंसिडिल, एस्कफ) के अवैध भंडारण, परिवहन और बिक्री से जुड़े मामलों में महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। न्यायमूर्ति अरुण कुमार सिंह देशवाल ने इस मामले में 80 जमानत याचिकाओं पर एक साथ सुनवाई करते हुए दिया है। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि कोडीन युक्त कफ सिरप का इस्तेमाल केवल चिकित्सीय (दवा) उद्देश्यों के लिए किया जा रहा है, तो वह एनडीपीएस कानून के तहत नहीं आएगा। लाइसेंस की आड़ में या बिना लाइसेंस के इसे नशे के उद्देश्य से डायवर्ट, स्टॉक या बेचा जाता है, तो यह एनडीपीएस अधिनियम के तहत दंडनीय अपराध माना जाएगा। वहीं, राज्य सरकार की ओर से अपर महाधिवक्ता अनूप त्रिवेदी, एजीए प्रथम परितोष कुमार मालवीय, चंदन अग्रवाल ने ज़मानत याचिकाओं का घोर विरोध किया। हाईकोर्ट ने मामले में व...