बिजनौर, जनवरी 28 -- बिजनौर में फर्जी कागज़ों के आधार पर मेडिकल दर्शाकर बिना बिल के कोडिनयुक्त सीरप की खरीद -फरोख्त करने के मामले में एनडीपीएस एक्ट कोर्ट के विशेष न्यायाधीश प्रशांत मित्तल ने इस गिरोह के दो आरोपी पुनीत और रेशब की जमानत अर्जी निरस्त कर दी। विशेष लोक अभियोजक रितेश चौहान ने बताया कि बिजनौर में तैनात औषधी निरीक्षक उमेश कुमार भारती ने कोतवाली बिजनौर में रिपोर्ट दर्ज कराई, जिसमें कहा गया कि खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन मुख्यालय लखनऊ से प्राप्त निर्देशों के अनुसार ड्रग इंस्पेक्टर ने 18 नवंबर 25 को निरीक्षण में शिव शक्ति बालाजी मेडिकोज पर कारवाई की। निरीक्षण के दौरान पाया गया कि मौके पर इस नाम का कोई मेडिकल संचालित नहीं है। आसपास के व्यक्तियों ने बताया कि उक्त मेडिकल दो वर्ष पहले ही बंद हो चुका है। लोक अभियोजक ने जमानत का विरोध कर...