कन्नौज, मई 14 -- ​कन्नौज, संवाददाता। जिले के आर्थिक विकास को लेकर कलेक्ट्रेट गांधी सभागार में आयोजित बैंकर्स समिति की बैठक में चौंकाने वाले आंकड़े सामने आए हैं। आंकड़ों का विश्लेषण करें तो यह साफ है कि जिले की जनता का पैसा बैंकों में सुरक्षित तो है, लेकिन वह स्थानीय विकास में काम नहीं आ रहा है। कोटक महिंद्रा बैंक का प्रदर्शन इस मामले में सबसे दयनीय रहा है, जिसने वित्तीय वर्ष 2025-26 में 2942.80 करोड़ की भारी-भरकम जमा राशि के मुकाबले केवल 37.32 करोड़ का ऋण आवंटित किया है जो महज 1.27 फीसद ही है। ​यह स्थिति जिले के स्थानीय बाजार के लिए कैपिटल फ्लाइट यानी पूंजी का पलायन जैसी है। यानी जिलावासियों की बचत का इस्तेमाल बैंक अन्य बड़े शहरों या कॉर्पोरेट्स को वित्तपोषित करने में कर रहे हैं, जबकि स्थानीय किसान और युवा उद्यमी पूंजी के अभाव में संघर्ष ...