कन्नौज, मार्च 24 -- कन्नौज,संवाददाता। देश-दुनिया में बढ़ते तनाव और उसके आर्थिक असर अब सीधे आम लोगों की रोजी-रोटी पर दिखने लगे हैं। इसका सबसे ज्यादा असर प्रवासी मजदूरों पर पड़ा है, जो दिल्ली, पंजाब, हरियाणा और गुजरात जैसे राज्यों में काम कर रहे थे। कामर्शियल एलपीजी की किल्लत और बढ़ती महंगाई ने हालात ऐसे बना दिए हैं कि उन्हें अपना काम छोड़कर गांव लौटना पड़ रहा है। जिले के लगभग हर ब्लॉक से मजदूरों की वापसी शुरू हो चुकी है। औसतन 15 से 20 मजदूर प्रति ब्लॉक लौट रहे हैं, जबकि कुछ क्षेत्रों में यह संख्या 50 से 100 तक पहुंच गई है। ये मजदूर अलग-अलग तरह के काम से जुड़े थे। कोई प्लास्टिक के दाने बनाने वाली फैक्ट्री में काम करता था, तो कोई टाइल्स उद्योग से जुड़ा था। कुछ लोग पानी की बोतल, प्लास्टिक की कुर्सी, पाइप और टंकी बनाने वाले छोटे उद्योगों में क...
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