नई दिल्ली, मार्च 26 -- भारत के पूर्व लेग स्पिनर और मशहूर कमेंटेटर लक्ष्मण शिवरामकृष्णन ने हाल ही में रंगभेद का आरोप लगाते हुए बीसीसीआई कमेंट्री पैनल छोड़ दिया था। हालांकि, क्रिकेट में आने के बाद शिवरामकृष्णन को रंगभेद ही नहीं और भी कई दुश्वारियों का सामना करना पड़ा। उनपर टीनएज में 'शराबी' का ठप्पा लगा और ड्रग्स के आरोपों को सहना पड़ा। वह डिप्रेशन में चले गए थे। यहां तक कि कोई अपनी बेटी की शादी उनसे नहीं करना चाहता था। शिवरामकृष्णन ने 1980 के दशक की शुरुआत में 17 साल की उम्र में अपनी दमदार लेग-स्पिन गेंदों, गूगली और टॉप स्पिन से हलचल मचा दी थी। शिवा नाम से मशहूर शिवरामकृष्णन ने भारत की तरफ से 1983 से 1986 के बीच नौ टेस्ट मैच और 16 वनडे खेले। भले ही उनका क्रिकेट करियर लंबा नहीं चला लेकिन इसके बाद उन्होंने कमेंटेटर के रूप में अपनी अलग पहचान ...