रांची, दिसम्बर 15 -- रांची, विशेष संवाददाता। शिक्षा मंत्रालय ने बाल विवाह को मानवाधिकारों के सबसे गंभीर उल्लंघनों में से एक मानते हुए, इस सामाजिक बुराई के खिलाफ जागरुकता अभियान तेज करने के लिए देशभर के विश्वविद्यालयों एवं महाविद्यालयों को निर्देश जारी किए हैं। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) ने इस संबंध में महिला एवं बाल विकास मंत्रालय द्वारा जारी पत्र का हवाला देते हुए सभी उच्च शिक्षण संस्थानों से बाल विवाह उन्मूलन पर विभिन्न जागरुकता गतिविधियों का आयोजन करने को कहा है। यूजीसी द्वारा दिए गए सुझावों के अनुसार, सभी विश्वविद्यालयों, कॉलेजों और अन्य उच्च शिक्षण संस्थानों को 31 दिसंबर, 2025 तक अपने-अपने परिसरों में कार्यक्रम आयोजित करने होंगे। इन कार्यक्रमों में विद्यार्थियों और शिक्षकों की सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित की जाएगी। सुझाए गए जागर...
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