प्रयागराज, फरवरी 7 -- इलाहाबाद उच्च न्यायालय की एक खंडपीठ ने एकल पीठ के उस विवादास्पद निर्देश को दरकिनार कर दिया है जिसमें नोएडा के एक विश्वविद्यालय के छात्र को एक तख्ती लेकर कॉलेज के गेट पर 30 दिनों तक खड़ा रहने का आदेश दिया गया था। मैं कभी किसी लड़की से छेड़खानी नहीं करूंगा। लिखी तख्ती के साथ छात्र को 30 दिनों तक कॉलेज के गेट पर खड़ा रहने का आदेश दिया गया था। मुख्य न्यायाधीश अरुण भंसाली और न्यायमूर्ति क्षितिज शैलेंद्र की खंडपीठ ने हर्ष अवाना की ओर से दायर एक याचिका को यह कहते हुए निस्तारित कर दिया कि यह आदेश अनुचित और अपमानजनक था तथा इससे उसके चरित्र पर एक अमिट दाग लग जाएगा। एक अन्य संस्थान की छात्राओं के साथ छेड़खानी के आरोपों के बाद नोएडा अंतरराष्ट्रीय विश्वविद्यालय द्वारा उक्त छात्र को मार्च, 2023 में निष्कासित कर दिया गया था। इसके ब...