धनबाद, अप्रैल 4 -- कैप्टिव-कॉमर्शियल कोल ब्लॉकों ने कोल इंडिया की अनुषंगी कंपनियों के लिए मजबूत चुनौती पेश की है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में कैप्टिव-कॉमर्शियल कोल ब्लॉक के प्रदर्शन पर कोयला मंत्रालय की ओर से जारी रिपोर्ट पब्लिक सेक्टर की कोयला कंपनियों के लिए चिंताजनक है। कोयले की कम डिमांड के बावजूद कैप्टिव कॉमर्शियल कोल ब्लॉकों ने 31 मार्च 2026 तक 210.46 एमटी (मिलियन टन) तक कोयला उत्पादन किया। पिछले वित्त वर्ष के 190.95 एमटी की तुलना में 10.22% की मजबूत वृद्धि है। कोयला मंत्रालय ने कैप्टिव-कॉमर्शियल के प्रदर्शन को शानदार करार दिया है। इसके विपरीत कोल इंडिया की ज्यादातर कंपनियां अपने उत्पादन लक्ष्य से पीछे हैं। रिपोर्ट के अनुसार सिर्फ उत्पादन ही नहीं डिस्पैच (प्रेषण) में भी भारी वृद्धि देखी गई, जो 204.61 एमटी तक पहुंच गया और वित्त वर्ष 202...