प्रयागराज, मार्च 18 -- प्रयागराज। यूपी बोर्ड की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षा की उत्तरपुस्तिकाओं की पूरी गंभीरता से त्रिस्तरीय जांच की जाएगी। यूपी बोर्ड ने इस साल पहली बार राजकीय और अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों के प्रधानाचार्यों और वरिष्ठ शिक्षकों की अंकेक्षण में ड्यूटी लगाई है ताकि किसी प्रकार की लापरवाही न रह जाए। बोर्ड की कॉपियों का पहले परीक्षक मूल्यांकन करते हैं और उसके बाद उप मुख्य नियंत्रक या डिप्टी हेड एग्जामिनर (डीएचई) रैंडम 45 या 50 कॉपियों में से कम से कम पांच कॉपियों की जांच करते हैं कि कहीं कोई कमी तो नहीं रह गई। तीसरे चरण में डीएचई के अधीन जांची जांची गई कुल कॉपियों में से 15 प्रतिशत की जांच अंकेक्षक करते हैं। अंकेक्षण का नियम तो है लेकिन मूल्यांकन केंद्रों पर उसका गंभीरता से पालन नहीं होता। पिछले साल तक मूल्य...