नई दिल्ली, जून 7 -- करीब छह साल पहले दक्षिण-पूर्वी दिल्ली की एक सड़क पर बैठी मुस्लिम महिलाओं ने शाहीन बाग को विरोध-प्रदर्शन के एक वैश्विक प्रतीक के रूप में बदल दिया था। लेकिन आज स्थितियां पूरी तरह बदली हुई नजर आ रही हैं। शनिवार को होने वाले एक नए प्रदर्शन से पहले मुस्लिम समुदाय के भीतर व्हाट्सएप ग्रुपों, मस्जिदों के ग्रुपों, इंस्टाग्राम रील्स और एक्स पोस्ट के जरिए एक बिल्कुल अलग संदेश फैलाया गया। मुस्लिम युवाओं को कॉकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शन से दूर रहने की नसीहत दी जा रही है। सोशल मीडिया पर शेयर की जा रही पोस्टों में मुस्लिम युवाओं को आगाह किया गया कि विरोध-प्रदर्शन भले ही कुछ घंटों का हो, लेकिन इसके परिणाम उनके लिए सालों तक बने रह सकते हैं। एक पोस्च में मुस्लिम युवाओं को न केवल प्रदर्शन से बचने बल्कि उसके आस-पास के इलाके में भी न जाने...