नई दिल्ली, अगस्त 14 -- संसद के मानसून सत्र से ठीक पहले हुए राजनीतिक घटनाक्रम से विपक्ष जहां मनोवैज्ञानिक दबाव में था, वहीं पश्चिम बंगाल चुनाव में भाजपा की जीत के बाद तृणमूल कांग्रेस और शिवसेना (यूबीटी) सांसदों के पाला बदलने से एनडीए के हौसले बुलंद थे। लेकिन पेपर लीक को लेकर छात्रों के प्रदर्शन और पुलिस कार्रवाई ने तस्वीर बदल दी। संसद के अंदर और बाहर विपक्ष पर हमेशा हमलावर रहने वाली भाजपा और सरकार बैकफुट पर आ गई।विपक्ष ने उठाया सियासी फायदा कांग्रेस की अगुवाई में एकजुट विपक्ष इस मौके का पूरा सियासी फायदा उठाने में सफल रहा। सत्र के बीच बांकीपुर (बिहार) और दतिया (मप्र) उप चुनाव में भाजपा की शिकस्त से भी विपक्ष का हौसला और आक्रामकता बढ़ी। विपक्ष के सख्त तेवरों से जहां सरकार महिला आरक्षण और परिसीमन विधेयकों से दूर रही, वहीं सरकार ने एफसीआरए वि...