नई दिल्ली, दिसम्बर 15 -- लोकसभा में अपने खिलाफ लाए गए प्रस्ताव के बाद जस्टिस यशवंत वर्मा ने आरोपों पर जवाब देने के लिए समय मांगा है। कैश कांड की जांच को लेकर गठित समिति ने उन्हें 6 हफ्तों का और समय देने का फैसला किया है। साथ ही साफ किया है कि इससे ज्यादा समय उन्हें नहीं दिया जाएगा। लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने 12 अगस्त को समिति का गठन किया था। जस्टिस वर्मा को हटाने का समर्थन करने वाले प्रस्ताव पर 146 सांसदों ने दस्तखत किए थे। इसके अलावा तत्कालीन सीजेआई संजीव खन्ना की तरफ से भी एक समिति बनाई गई थी। सदन की समिति ने जस्टिस वर्मा के इस दावे को खारिज कर दिया था कि उन्हें बदनाम करने के लिए नकदी छिपाई गई थी। सुप्रीम कोर्ट जज अरविंद कुमार की अगुवाई में जांच कर रही तीन सदस्यीय समिति ने जस्टिस वर्मा से उनपर लगे आरोपों पर जवाब देने के लिए कहा था। टाइम्...
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