लखनऊ, अप्रैल 17 -- लखनऊ, संवाददाता। राजधानी के पीजीआई क्षेत्र स्थित संस्कृति मार्ट की संचालिका को अपने ही कैशियर पर किए गए भरोसे की भारी कीमत चुकानी पड़ी। 11 महीने तक चुपचाप चलती रही करीब सात लाख रुपये की हेराफेरी का राज तब खुला जब मार्ट में सामान कम पड़ने लगा और हिसाब में अंतर नजर आने लगा। वृंदावन योजना के सेक्टर-18 में संचालित संस्कृति मार्ट की संचालिका बिंदु देवी ने 8 अप्रैल 2024 को कुशीनगर निवासी आशीष कुमार को 9000 रुपये मासिक वेतन पर कैशियर के पद पर रखा था। उसे नगद और यूपीआई दोनों माध्यमों से होने वाले भुगतान का हिसाब देखने की जिम्मेदारी सौंपी गई थी।आरोप है कि आशीष ग्राहकों से मिलने वाली नकद रकम अपने पास रख लेता था और रिकॉर्ड में केवल यूपीआई का हिसाब दर्शाता था। कई बार वह यूपीआई भुगतान की रकम वास्तविक से अधिक दिखाता था, जबकि बैंक खात...
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