नई दिल्ली, अप्रैल 10 -- खुद को एक बदनामी भरे अभियान का शिकार बताते हुए, जस्टिस यशवंत वर्मा ने अपने महाभियोग के लिए लोकसभा द्वारा नियुक्त एक पैनल द्वारा की जा रही जांच से खुद को अलग कर लिया है। उन्होंने कहा कि उनका इस जांच में बने रहना, पिछली जांच को ही सही ठहरा देगा, जिसमें उनसे उनके दिल्ली आवास से मिले पैसों के स्रोत के बारे में ऐसे सवालों के जवाब देने को कहा गया था, जिनका जवाब देना ही असंभव था। मुश्किलों में घिरे जज वर्मा, जिन्हें पिछले साल उनके आवास से जले हुए नोटों के बंडल मिलने के बाद से ही काफी आलोचना का सामना करना पड़ रहा था, ने 9 अप्रैल को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को अपना इस्तीफा सौंप दिया। इसके साथ ही, उनके खिलाफ चल रही महाभियोग की कार्यवाही भी बेमानी हो गई। उन्होंने कहा कि मैं बहुत गहरे दुख के साथ खुद को इस कार्यवाही से अलग कर ...