फिरोजाबाद, फरवरी 4 -- राज राजेश्वरी कैला देवी मंदिर में माता के अंगराग (चोला परिवर्तन) प्रक्रिया के तहत पट बंद कर दिए हैं। राजस्थान स्थित करौली मंदिर से आए पुरोहित 13 फरवरी तक चलने वाली इस प्रक्रिया के तहत विधि विधान से पूजा अर्चना करेंगे। साथ ही चोला परिवर्तन के लिए अंगराग भी कैला देवी मंदिर राजस्थान से ही आएंगे। शहर के मध्य स्थित कैला देवी मंदिर राजस्थान के करौली मंदिर का प्रतिबिंब है। गर्भगृह में जलने वाली अखंड ज्योति भी करौली से लाई गई है। यहां होने वाली पूजा की सभी विधि भी राजस्थान के करौली मंदिर जैसी हैं। यहां पांच से छह साल में एक बार मातारानी का चोला परिवर्तन होता है। इस बार मंदिर कमेटी के पदाधिकारियों ने पुरोहितों से सलाह करने के बाद फरवरी में चोला परिवर्तन का निर्णय लिया। माता रानी का अंगराग (चोला परिवर्तन) बुधवार से लेकर 13 फरव...
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