मुजफ्फरपुर, सितम्बर 8 -- मुजफ्फरपुर, प्रमुख संवाददाता। इंदौर-मध्यप्रदेश निवासी कैलाश वानखेड़े के उपन्यास 'उजला अंधेरा' को वर्ष 2026 का 17वां अयोध्या प्रसाद खत्री स्मृति सम्मान दिया जाएगा। यह निर्णय मंगलवार को अयोध्या प्रसाद खत्री सम्मान समारोह समिति ने लिया।सम्मान के लिए इस उपन्यास का चयन आलोचक आशुतोष कुमार (संपादक, आलोचना) ने किया है। डी. वीरेन नंदा ने कहा कि उनका यह उपन्यास महज दलित समुदाय की पीड़ा का आख्यान नहीं, बल्कि भारतीय समाज की संरचना और उसकी अंतर्विरोधी विकास यात्रा की व्यापक समीक्षा भी है। इस उपन्यास की विशेषता है कि वंचना को केवल करुणा का विषय न बनाकर मनुष्य के स्वप्न, संघर्ष और गरिमा के प्रश्न से जोड़ा गया है। 'उजाले' और 'अंधेरे' का द्वंद्व इसीलिए केवल अभाव और सुविधा का द्वंद्व नहीं, बल्कि उस समाज के विवेक का प्रश्न भी बन जात...