सासाराम, मई 2 -- चेनारी, एक संवाददाता। कैमूर पहाड़ी की तराई वाले कई गांवों में पेयजल के लिए हाहाकार मचा है। सबसे भयावह स्थिति पहाड़ के ऊपर बसे औरईया, भुड़कुड़ा,उरदगा, कुसुम्हा, चपरी आदि दो दर्जन से अधिक गांवों की है। यहां तीखी धूप और गर्म थपेड़ों में हलक तर करने के लिए वनवासी परेशान हैं। इन्हें बूंद-बूंद पानी के लिए तरसना पड़ रहा है। हर घर में नल से जल योजना ध्वस्त हो गई है।
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