भभुआ, जून 10 -- जिले के ईंट भट्ठों पर उत्तर प्रदेश, झारखंड और बिहार के विभिन्न जिलों के मजदूर करते हैं काम, अब रोपनी कर लौटेंगे श्रमिक नवंबर माह में ईंट भट्ठा चालू होने पर अपने गांव से लौटते हैं मजदूर इस बार की बरसात में ईंट की कीमत नहीं बढ़ने की जताई संभावना ईंट पाथने, बोझने, चालक, लोड करनेवाले, फायरमैन लौटने लगे घर (पेज चार की लीड खबर) भभुआ, कार्यालय संवाददाता। कैमूर जिले के सभी 145 ईंट भट्ठे बंद हो गए। इस वजह से 35 हजार मजदूर बेरोजगार हो गएं। बेरोजगार हुए मजदूरों में ईंट पाथने, भट्ठी बोझने, ट्रैक्टर चालक, ईंट लोड करनेवाले श्रमिक, फायरमैन, बेलदार, गदहा से ईंट की ढुलाई करनेवाले आदि शामिल हैं। अब यह मजदूर अपने गांव लौटने लगे हैं। कैमूर के ईंट भट्ठों पर उत्तर प्रदेश, झारखंड, बिहार के विभिन्न जिलों के मजदूर काम करते हैं। अब यह श्रमिक तब कैमू...