लखनऊ, मार्च 10 -- उत्तर प्रदेश भिक्षावृत्ति प्रतिषेध अधिनियम-1975 की धारा-21 में संशोधन किए जाने को कैबिनेट ने मंजूरी दे दी है। सुप्रीम कोर्ट ने 7 मई 2025 को आदेश दिया था कि धारा-21 में संशोधन कर कुष्ठ रोगी शब्द को हटाया जाए। जिसके तहत उप्र भिक्षावृत्ति प्रतिषेध (संशोधन) विधेयक 2026 को राज्य विधानमंडल से पास कराया जाएगा।संशोधन के तहत धारा -21 से कुष्ठ रोगी संबंधी प्रावधान हटाए जा रहे हैं और प्रावधानों को मानसिक स्वास्थ्य देखरेख अधिनियम -2017 के अनुरूप किया गया है। ऐसे में इस निर्णय से कुष्ठ रोग से प्रभावित व्यक्तियों के साथ भेदभाव की समाप्ति व उनके गरिमामय जीवन के अधिकार सुनिश्चित होगा। ऐसे में अब उप्र भिक्षावृत्ति प्रतिषेध (संशोधन) विधेयक -2026 को राज्य विधानमंडल के समक्ष प्रस्तुत कर और उसे पास कराए जाने को कैबिनेट ने हरी झंडी दे दी है। ...
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