देहरादून, मार्च 11 -- भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (सीएजी) की एक रिपोर्ट ने उत्तराखंड में नमामि गंगा कार्यक्रम में खामियों को उजागर किया है। रिपोर्ट में सीवेज प्रबंधन, अपशिष्ट निपटान, निगरानी तंत्र और जन जागरुकता प्रयासों में कमियों का हवाला दिया गया है। मंगलवार को राज्य विधानसभा में पेश की गई रिपोर्ट में कहा गया है कि राज्य गंगा समिति और स्वच्छ गंगा राज्य मिशन ने स्थानीय समुदायों के सहयोग से सीवेज उपचार अवसंरचना की पर्याप्त योजना और कार्यान्वयन नहीं किया। इसमें यह भी कहा गया है कि राज्य सरकार ने गंगा के तटवर्ती शहरों में सीवरेज सुविधाओं में सुधार के लिए संसाधन उपलब्ध नहीं कराए। इस वजह से कई सीवेज उपचार संयंत्र (एसटीपी) या तो घरेलू सीवर नेटवर्क से जुड़े नहीं हैं या आंशिक रूप से जुड़े हुए हैं। यह रिपोर्ट 2018-19 से 2022-23 की अवधि ...